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ISBN : 978-93-7462-994-9

Category : Academic

Catalogue : Reference

ID : SB21921

आधुनिक पाक कला एवं आतिथ्य उद्योग

आधुनिक पाक कला एवं आतिथ्य उद्योग

Dr Kamini Jain

Paperback

699.00

e Book

399.00

Pages : 183

Language : Hindi

PAPERBACK Price : 699.00

About Book

भोजन मानव जीवन की मूलभूत आवश्यकता है लेकिन आज के युग में यह केवल पेट भरने का साधन नहीं रहा है बल्कि यह स्वास्थ्य कला और पेशे से जुड़ा एक समग्र अनुभव बन गया है। जिस प्रकार समय के साथ जीवन शैली में परिवर्तन हुआ है, उसी प्रकार पाककला ने भी आधुनिक रूप धारण किया है। आधुनिक पाक कला में विज्ञान तकनीक रचनात्मक और पोषण का अद्भुत समावेश देखने को मिलता है। आधुनिक पाक कला का तात्पर्य केवल भोजन पकाने तक सीमित नहीं है बल्कि यह भोजन को वैज्ञानिक दृष्टि से तैयार करने उसकी प्रस्तुति, पोषण, संतुलन, स्वच्छता और स्वाद के नए प्रयोगों का संगम है। आधुनिक पाक कला वह कला है जो पारंपरिक नियमों से हटकर नवीन विचारों, रूपों और तकनीक के माध्यम से सोच को व्यक्त करती है। यह कला यथार्थवाद तक सीमित नहीं बल्कि कल्पना, भावनाओं को सामाजिक विचारों और मानसिक स्थितियों को भी प्रदर्शित करती है। आधुनिक पाककला न केवल स्वाद और सौंदर्य का प्रतीक है बल्कि यह स्वास्थ्य विज्ञान तकनीक और संस्कृति का संगम भी है। यह मनुष्य की रचनात्मकता, कौशल और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का जीवंत उदाहरण है। आज के प्रतिस्पर्धी और वैश्विक युग में पाककला का महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि यह न केवल जीवन को सरस बनाती है बल्कि रोजगार स्वास्थ्य और संस्कृति को भी सशक्त करती है। पाक कला केवल रसोई तक सीमित नहीं है यह मानव सभ्यता, संस्कृति, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था का आधार है। आज के युग में इनका महत्व और भी बढ़ गया है क्योंकि यह स्वास्थ्य, रोजगार और संस्कृति तीनों से जुड़ी हुई है।


About Author

लेखक के बारे में डॉ. श्रीमती कामिनी जैन का जन्म होषंगाबाद म.प्र. वर्तमान में नर्मदापुरम के नाम से जाना जाता है ने बी.एस.सी. तथा एम.एस.सी. गृहविज्ञान, बी.एड एवं पीएच.डी. की उपाधियॉ प्राप्त की। इन्होने अपना शोध कार्य डॉ. आई. एस. चौहान पूर्व उच्चायुक्त फिजी पूर्व कुलपति बरकतउल्ला विष्वविद्यालय भोपाल एवं भोज मुक्त विष्वविद्यालय भोपाल के निर्देषन में किया। डॉ. जैन ने 1984 से अपनी शासकीय सेवाएॅ सहायक प्राध्यापक पद से शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय नर्मदापुरम म.प्र. से प्रारंभ की। वर्तमान में स्नातकोत्तर प्राचार्य के पद पर शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय नर्मदापुरम म.प्र. में पदस्थ है। इनकी 44 से अधिक पुस्तकों का प्रकाषन हो चुका है। इनकी 50 बुकलेट, 112 प्रसार लेख एवं 100 से अधिक शोध उपाधियॉ एवं लघुषोध निर्देषन 50, लगभग 200 से अधिक शोध पत्रों का प्रकाषन हो चुका है। इन्होने विष्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा प्रदत्त 08 शोध परियोजनाओं एवं 09 राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद भोपाल द्वारा प्रदत्त शोध परियोजनाओं पर कार्य किया है। शोध के क्षेत्र में इनके योगदान को देखते हुए इन्हे रिसर्च लिंक स्वर्ण पदक, मदर टेरेसा अवार्ड, राजीव गॉधी ऐजुकेषन एक्सीलेंस अवार्ड, बेस्ट प्रिंसीपल अवार्ड रिसर्च ऐज्यूकेषन द्वारा 05 सितम्बर 2022 में एवं षिक्षा-रत्न पुरस्कार प्रदान किये गये है। आयुक्त म.प्र. शासनष्उच्च षिक्षा विभाग द्वारा इन्हे सत्र 2012-13 में इनके कुषल नेतृत्व एवं षिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता के लिए प्रयास के लिए प्रषंसा पत्र प्रदान किया गया है। वर्तमान सत्र 2025 में डॉ. श्रीमती कामिनी जैन का जीवन वृतांत अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक एशियन एडमिरेवल एचीवर्स के वाल्यूम 08 में प्रकाशन हुआ है।

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