About Book
मानसिक स्वास्थ्य का अर्थ मानसिक रोगों की अनुपस्थिति नहीं है। इसके विपरीत यह व्यक्ति दैनिक जीवन का सक्रिय और निश्चित गुण है। यह गुण उस व्यक्ति के व्यवहार में व्यक्त होता है। जिसका शरीर और मानसिक एक ही दिशा के साथ-साथ कार्य करते हैं उसके विचार, भावनाएं और क्रियाएं एक ही उद्देश्य की ओर सम्मिलित रूप से कार्य करती हैं। मानसिक स्वास्थ्य कार्य की ऐसी आदतों, व्यक्तियों तथा वस्तुओं के प्रति ऐसे दृष्टिकोणों को व्यक्त करता है जिनसे व्यक्ति को अधिक संतोष और आनंद प्राप्त होता है।
यदि शरीर स्वस्थ्य हो और मन असंतुलित हो तो व्यक्ति जीवन में न तो सुख अनुभव कर सकता है और नहीं अपनी क्षमताओं का विकास कर सकता है। आज के आधुनिक प्रतिस्पर्धात्मक और तकनीकी युग में मनुष्य ने भौतिक प्रगति को बहुत कर ली है, परंतु मानसिक शांति संतुलन लगातार चुनौती बनते जा रहे हैं इसी कारण वर्तमान समय में मानसिक स्वास्थ्य एक महत्वपूर्ण सामाजिक शैक्षणिक और चिकित्सीय विषय बन गया है।
आज की जीवन शैली तेज गति से बदलते समाज बढ़ती अपेक्षाएं, परीक्षा एवं कैरियर का दबाव, पारिवारिक विघटन, सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग और पर्यावरण तनाव मानसिक स्वास्थ्य को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित कर रहे हैं। अभी भी लोगों में मानसिक रोगों को लेकर अनेक भ्रांतियां बनी हुई है जिससे के कारण समय पर उपचार नहीं हो पता है।
About Author
डॉ. श्रीमती कामिनी जैन का जन्म होशंगाबाद म.प्र. वर्तमान में नर्मदापुरम के नाम से जाना जाता है ने बी.एस.सी. तथा एम.एस.सी. गृहविज्ञान, बी.एड एवं पीएच.डी. की उपाधियॉ प्राप्त की। इन्होने अपना शोध कार्य डॉ. आई. एस. चौहान पूर्व उच्चायुक्त फिजी पूर्व कुलपति बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल एवं भोज मुक्त विश्वविद्यालय भोपाल के निर्देशन में किया।
डॉ. जैन ने 1984 से अपनी शासकीय सेवाए सहायक प्राध्यापक पद से शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय नर्मदापुरम म.प्र. से प्रारंभ की। वर्तमान में स्नातकोत्तर प्राचार्य के पद पर शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय नर्मदापुरम म.प्र. में पदस्थ है। इनकी 45 से अधिक पुस्तकों का प्रकाशन हो चुका है। इनकी 50 बुकलेट, 112 प्रसार लेख एवं 100 से अधिक शोध उपाधियॉ एवं लघुशोध निर्देशन 50, लगभग 200 से अधिक शोध पत्रों का प्रकाशन हो चुका है। इन्होने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा प्रदत्त 08 शोध परियोजनाओं एवं 09 राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद भोपाल द्वारा प्रदत्त शोध परियोजनाओं पर कार्य किया है। शोध के क्षेत्र में इनके योगदान को देखते हुए इन्हे रिसर्च लिंक स्वर्ण पदक, मदर टेरेसा अवार्ड, राजीव गॉधी ऐजुकेशन एक्सीलेंस अवार्ड, बेस्ट प्रिंसीपल अवार्ड रिसर्च ऐज्यूकेशन द्वारा 05 सितम्बर 2022 में एवं शिक्षा-रत्न पुरस्कार प्रदान किये गये है।
आयुक्त म.प्र. शासन उच्च षिक्षा विभाग द्वारा इन्हे सत्र 2012-13 में इनके कुशल नेतृत्व एवं शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता के लिए प्रयास के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया है।
वर्तमान सत्र 2025 में डॉ. श्रीमती कामिनी जैन का जीवन वृतांत अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक एशियन एडमिरेवल एचीवर्स के वाल्यूम 08 में प्रकाशन हुआ है।