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ISBN : 978-93-7462-027-4

Category : Non Fiction

Catalogue : Autobiography

ID : SB22160

अपहरण

(ददुआ की कैद में 38 दिन)

Shiv Narayan Pandey

Paperback

619.00

e Book

299.00

Pages : 418

Language : Hindi

PAPERBACK Price : 619.00

About Book

पुस्तक के संबंध में : इस पुस्तक में वास्तविक रूप से घटित मूल घटना को लिखकर सामाजिक विद्वेषिता तथा शासन एवं प्रशासन की निष्क्रियता को रेखांकित करती है ।अपराधी कितना निश्चिंत होकर पनप सकता है? उसकी वास्तविकता को उजागर करना है। सामाजिक विद्वेषिता से एक साधारण सा व्यापार करने वाला व्यापारी ,बड़े व्यापारी की प्रतिस्पर्धा का शिकार बनता है । उस आंधी में, जिसका उससे कोई लेना देना भी नहीं था, एक और व्यक्ति भी अनायास शिकार हो जाता है। एक साधारण व्यापारी उन्तालीस दिनों तक लगभग हर दूसरे दिन शारीरिक यातना का शिकार होता है ।उसके पिता,भाई यहाँ तक की पत्नी तक उसको मरने के लिए छोड़ देते है ।गांव के लोग भी सहयोग करते तो बच सकता था,मगर वाह रे ! सामाजिक निष्ठुरता , उसकी एक _एक इंच खाल बेरहम हाथों से उतारी जाती रही.. उसी राह में पकड़े जाने वाले इंजीनियर एस.एन.पाण्डेय की भी शारीरिक, मानसिक और आर्थिक यातना के अड़तीस दिनों की आत्म कथा इसी पुस्तक में ।


About Author

लेखक के संबंध में : नाम: शिव नारायण पाण्डेय । जन्म : 29 अक्टूबर 1957 । जन्म स्थान : ग्राम_ गजना । पो. :रमखिरिया (हीरा खदान) जिला : पन्ना (म. प्र.) वर्तमान में : शासकीय सेवानिवृत्त ( उप अभियंता) आध्यात्मिक संबंध :गायत्री परिवार का सन 1985 से सक्रिय कार्यकर्ता । वर्तमान निवास :अर्जुन नगर पतेरी सतना जिला : सतना (म. प्र.)

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