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ISBN : 978-93-7462-248-3

Category : Non Fiction

Catalogue : Autobiography

ID : SB22103

अतीत के बिखरे मोती

NA

Ashalata Ojha

Hardcase

1500.00

e Book

250.00

Pages : 238

Language : Hindi

About Book

अपने जीवन के अनुभवों, संस्मरणों और मेरे आत्मीय जनों की यादों से जुड़े अपने जीवन के कुछ पलों को अंकित करने का प्रयास किया है | मेरे परिवार के और मुझसे जुड़े लोग जिनका प्रेम और आदर मैंने पाया है उन्हें तो यह आत्मकथा रुचिकर लगेगी ही, आशा है पाठकों को भी इस पुस्तक को पढ़ कर कुछ न कुछ अच्छा अनुभव अवश्य होगा |


About Author

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जि ले में सन 1932 में मध्यवर्गी य शि क्षि त परि वार में जन्म। मैट्रि कुलेशन तक की शि क्षा के बाद सन 1950 में वि वाह और फि र मंडला जबलपुर में स्थाई नि वास। भरे पूरे परि वार की जि म्मेवारि यों के साथ साथ अध्ययन के प्रति रुचि एवं श्वसुर जी के प्रोत्साहन से हि ंदी साहि त्य में एम ए तक की शि क्षा पूर्ण र्ण की। साहि त्य प्रेम वि रासत में मि ला है। सत्साहि त्य पढ़ ना और कुछ लि खते रहना मेरी रुचि रही है, जो आजतक कायम है। ‘सतरंगी-बुलबुले’ मेरा कवि ता संग्रह है, जो मेरी बेटी के अथक प्रयास से ही पुस्तक रूप में छपने का सौभाग्य पा सकी है। साझा कहानी संग्रह में कहानी उजाले की ओर प्रकाशि त। कवि ता कहानी लघुकथा संस्मरण, यात्रा वृत्तांत डायरी आदि ही मेरा परि चय है। 2016-17 से मैं प्रति ष्ठि त लेखि का सुश्री संतोष श्रीवास्तव द्वारा संचालि त साहि त्यि क संस्था अंतर्रा ष्ट्रीय वि श्व मैत्री मंच की सदस्या हूँ एवं लेखन कार्य र्य में रत हूँ। पढ़ ते लि खते रहना ही मेरा जीवन है।

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