About Author
ईश्वरीय शक्ति में आस्था और साहित्य के प्रति रूचि लेखिका को बचपन से ही थी, क्योंकि घर का वातावरण ऐसा था, किंतु पढ़ाई विज्ञान और गणित विषयों में हुई। विवाह के बाद तीन दशक से अधिक का काल असम में बीता, वहाँ की प्राकृतिक सुंदरता ने लेखन के प्रति उत्साह बढ़ाया। ऑयल इंडिया में प्रकाशित होने वाली त्रैमासिक हिन्दी पत्रिका में आलेख और कविताएँ छपने लगीं। डायरी में कविताओं की संख्या बढ़ती जा रही थी। २००९ में एक ब्लॉग बनाया, जिसका नाम ‘मन पाए विश्राम जहाँ’ रखा। २०१० से उसमें नियमित कविताएँ, आलेख, और यात्रा विवरण आदि लिखने लगी।धीरे-धीरे पाठक भी मिलते गए। इनके लेखन का एकमात्र उद्देश्य मानव के भीतर स्थित अनंत, अनाम, अदृश्य ऊर्जा का स्मरण कराना है। जिस शांति का अनुभव श्री श्री रवि शंकर जी के लाखों साधक कर रहे हैं, उसकी एक झलक भी यदि इनके लेखन से पाठकों को मिले तो यह सफल माना जा सकता है।
अभी तक तीन कविता संग्रह प्रकाशित हुए हैं, बस इतना सा सरमाया, इन्द्रधनुष और श्रद्धा सुमन तथा यात्रा संस्मरण पर आधारित यायावर नामक पुस्तक। ‘ख़ामोश, खामोशी और हम’ काव्य संग्रह में कुछ रचनाकारों के साथ संयुक्त रूप से कविताओं का प्रकाशन।
इ-मेल : anitanihalani@gmail.com
ब्लॉग्स के लिन्क मन पाए विश्राम जहाँ : http://anitanihalani.blogspot.in/
श्रद्धा सुमन : http://geetanjalihindi.blogspot.in/
एक जीवन एक कहानी : http://anitasachdeva.blogspot.in/
डायरी के पन्नों से : http://amrita-anita.blogspot.in/
कुछ रिश्ते मीठे से : https://anitaspersonalblog.blogspot.com/