ISBN : 978-93-7462-159-2
Category : Non Fiction
Catalogue : Self Help
ID : SB21969
Paperback
450.00
e Book
350.00
Pages : 96
Language : Hindi
यह पुस्तक क्या है — और क्या नहीं यह पुस्तक आपको बेहतर इंसान बनाने के लिए नहीं लिखी गई है। यह आपको सफल, सकारात्मक या शक्तिशाली बनाने का वादा भी नहीं करती। यह पुस्तक आपको कुछ सिखाने नहीं आई है। यह आपको कुछ जोड़ने भी नहीं आई है। यह पुस्तक सिर्फ़ एक काम करना चाहती है — आपको वही दिखाना, जो पहले से मौजूद है। आज मनुष्य बीमार है। कोई शरीर से, कोई मन से, और अधिकतर लोग बिना जाने — भीतर से थके हुए हैं। कोई दवा बदल रहा है, कोई गुरु, कोई तकनीक, और कोई भगवान। फिर भी भीतर एक सवाल बना रहता है — “कुछ तो ठीक नहीं है।” यह पुस्तक उसी “कुछ” की ओर इशारा करती है। यह पुस्तक क्या नहीं है: यह कोई मेडिकल पुस्तक नहीं है। यह डॉक्टर की सलाह का स्थान नहीं लेती। यह कोई मनोवैज्ञानिक गाइड नहीं है। यह कोई धार्मिक ग्रंथ नहीं है। यह कोई मोटिवेशनल किताब नहीं है। तो फिर यह पुस्तक है क्या? यह पुस्तक एक दर्पण है। यह आपको बदलने की कोशिश नहीं करती, यह आपको देखने की जगह देती है। इस पुस्तक को जल्दी मत पढ़िए। यह कोई कहानी नहीं है। अगर असहजता आए, तो वहीं रुक जाइए। यही से जागरूकता शुरू होती है।