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ISBN : 978-93-7462-327-5

Category : Non Fiction

Catalogue : Self Help

ID : SB22343

ज़रा सुनिए ...

रिश्ते कुछ कहते हैं

Shobha Gaur

Paperback

419.00

e Book

199.00

Pages : 181

Language : Hindi

PAPERBACK Price : 419.00

About Book

पुस्तक के बारे में ज़रा सुनिए... रिश्ते क्या कहते हैं। केवल एक Parenting पुस्तक नहीं, बल्कि बच्चों के मन, परिवार के रिश्तों और संवेदनशील संवाद को समझने की एक आत्मीय यात्रा है। वर्षों के शिक्षकीय अनुभव, वास्तविक जीवन की घटनाओं और Parenting Coach के रूप में प्राप्त सीख के आधार पर यह पुस्तक बताती है कि बच्चों का व्यवहार अक्सर उनके मन की भाषा होता है।  प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि बच्चे डाँट से नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और प्रेम से खिलते हैं। भारतीय जीवन-मूल्यों, आधुनिक मनोविज्ञान और व्यावहारिक Parenting तकनीकों का संतुलित समन्वय इस पुस्तक को प्रत्येक माता-पिता, शिक्षक और अभिभावक के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शिका बनाता है। यदि यह पुस्तक आपको अपने बच्चे को थोड़ा और सुनने, समझने और उसके साथ एक गहरा रिश्ता बनाने के लिए प्रेरित करे, तो यही इसकी सबसे बड़ी सफलता होगी।


About Author

लेखिका परिचय शोभा जी एक शिक्षिका, Parenting Coach, प्रेरक वक्ता एवं लेखिका हैं। हिंदी एवं संस्कृत में स्नातकोत्तर शिक्षित शोभा पिछले कई वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय हैं और बच्चों, अभिभावकों तथा शिक्षकों के साथ निरंतर कार्य कर रही हैं। विद्यालयी जीवन के अनुभवों ने उन्हें यह समझ दी कि "हर बच्चे के व्यवहार के पीछे एक अनकही कहानी होती है।" इसी विश्वास के साथ वे भारतीय जीवन-मूल्यों, संवेदनशील संवाद और आधुनिक Parenting दृष्टिकोण के माध्यम से परिवारों को सकारात्मक संबंध बनाने के लिए प्रेरित करती हैं। यह पुस्तक उनके शिक्षकीय अनुभव, वास्तविक जीवन की घटनाओं और Parenting Coaching की यात्रा का सार है। उनका विश्वास है- "बच्चों को सफल बनाने से पहले उन्हें समझना आवश्यक है, क्योंकि सुना हुआ बच्चा ही आत्मविश्वासी और संवेदनशील इंसान बनता है।" —Shobha G शिक्षिका | Parenting Coach | लेखिका

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