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ISBN : 978-93-7462-104-2

Category : Non Fiction

Catalogue : Self Help

ID : SB22210

THE ANXIETY LOOP

ब्रेक द लूप। रिक्लेम योर लाइफ

krishna Nimediaa

Paperback

430.00

e Book

149.00

Pages : 233

Language : Hindi

PAPERBACK Price : 430.00

About Book

# पुस्तक के बारे में क्या आप लगातार चिंता, तनाव और ओवरथिंकिंग से जूझ रहे हैं? क्या आपका मन छोटी-छोटी बातों को बड़ा बना देता है? क्या आप जानते हैं कि सब कुछ ठीक है, फिर भी आपका दिमाग बार-बार सबसे बुरे परिणामों की कल्पना करता रहता है? यदि हाँ, तो यह पुस्तक आपके लिए है। **द एंग्जायटी लूप** एक व्यावहारिक और परिवर्तनकारी पुस्तक है, जो आपको यह समझने में मदद करती है कि एंग्जायटी आपकी पहचान नहीं है, बल्कि एक सीखा हुआ मानसिक, भावनात्मक और व्यवहारिक पैटर्न है। न्यूरो लिंग्विस्टिक प्रोग्रामिंग (NLP), मनोविज्ञान, आत्म-जागरूकता और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तकनीकों पर आधारित यह पुस्तक आपको सिखाती है कि:  * एंग्जायटी लूप कैसे बनता है * ओवरथिंकिंग के चक्र को कैसे तोड़ा जाए * भावनात्मक ट्रिगर्स को कैसे रीप्रोग्राम किया जाए * नर्वस सिस्टम को कैसे शांत किया जाए * अपनी अंदरूनी आवाज़ को कैसे बदला जाए * और एक नई, शांत एवं सशक्त पहचान कैसे बनाई जाए यह पुस्तक केवल जानकारी नहीं देती। यह आपको अभ्यास कराती है। यह आपको सोचने पर मजबूर करती है। और सबसे महत्वपूर्ण यह आपको स्वयं के साथ एक नया संबंध बनाने में मदद करती है। एक कोच और मार्गदर्शक की तरह लिखी गई यह पुस्तक आपको डर से जागरूकता की ओर, तनाव से संतुलन की ओर और एंग्जायटी से आंतरिक शांति की ओर ले जाने की एक व्यावहारिक यात्रा है। यदि आप अपने मन को समझना चाहते हैं, यदि आप अपने पुराने मानसिक पैटर्न को बदलना चाहते हैं, और यदि आप एक अधिक शांत, जागरूक और स्वतंत्र जीवन जीना चाहते हैं, तो यह पुस्तक आपकी यात्रा का विश्वसनीय साथी बन सकती है। **आप टूटे हुए नहीं हैं।** **आप अपनी एंग्जायटी नहीं हैं।** **आपका मन दोबारा प्रोग्राम किया जा सकता है।** और यह पुस्तक आपको वही करना सिखाएगी।


About Author

कृष्ण नीमेडिया एक लेखक, कोच और व्यक्तिगत रूपांतरण (Personal Transformation) के मार्गदर्शक हैं, जो लोगों को तनाव, चिंता, ओवरथिंकिंग और सीमित मानसिक पैटर्न से बाहर निकलकर अधिक शांत, जागरूक और संतुलित जीवन जीने में सहायता करने के मिशन पर कार्य कर रहे हैं। मानव मन, व्यवहार परिवर्तन, आत्म-जागरूकता, न्यूरो-लिंग्विस्टिक प्रोग्रामिंग (NLP), माइंडसेट रीवायरिंग और व्यक्तिगत विकास के प्रति उनकी गहरी रुचि ने उन्हें इस विषय पर अध्ययन, चिंतन और व्यावहारिक प्रयोगों की दिशा में प्रेरित किया। उनका मानना है कि अधिकांश लोग अपनी परिस्थितियों से नहीं, बल्कि अपने मन के अनजाने पैटर्न से संघर्ष करते हैं। जब व्यक्ति अपने विचारों, भावनाओं और व्यवहारिक प्रतिक्रियाओं को समझना शुरू करता है, तो उसके भीतर परिवर्तन की प्रक्रिया स्वतः शुरू हो जाती है। "द एंग्जायटी लूप" उनकी इसी सोच का परिणाम है। यह पुस्तक केवल चिंता और तनाव को समझाने के लिए नहीं, बल्कि पाठकों को व्यावहारिक उपकरण, मानसिक फ्रेमवर्क और आत्म-परिवर्तन की दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से लिखी गई है। कृष्ण नीमेडिया का उद्देश्य लोगों को यह समझाने में सहायता करना है कि: एंग्जायटी आपकी पहचान नहीं है। आपके विचार हमेशा सत्य नहीं होते। और आपके भीतर परिवर्तन की क्षमता पहले से मौजूद है। अपने कार्य के माध्यम से वे ऐसे लोगों की सहायता करना चाहते हैं जो: लगातार ओवरथिंकिंग से जूझ रहे हैं तनाव और चिंता से प्रभावित हैं आत्मविश्वास विकसित करना चाहते हैं अपनी मानसिक और भावनात्मक स्वतंत्रता प्राप्त करना चाहते हैं अधिक जागरूक और उद्देश्यपूर्ण जीवन जीना चाहते हैं उनकी कोचिंग और लेखन शैली आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि, व्यावहारिक मनोविज्ञान, NLP आधारित तकनीकों और सरल जीवन-दर्शन का संतुलित मिश्रण है। उनका विश्वास है कि वास्तविक परिवर्तन तब शुरू होता है जब व्यक्ति अपने मन से लड़ना बंद करके उसे समझना शुरू करता है।

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