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ISBN : 978-93-7462-093-9

Category : Non Fiction

Catalogue : Poetry

ID : SB22209

भुविता

भोर की पहली किरण

अंकित नारायण निर्मोही

Paperback

299.00

e Book

149.00

Pages : 91

Language : Hindi

PAPERBACK Price : 299.00

About Book

"भुविता : भोर की पहली किरण" प्रेम, वात्सल्य, स्त्री-तत्त्व और जीवन के मंगल भावों की एक काव्य-यात्रा है। यह कृति एक पिता द्वारा अपनी पुत्री के जीवन के प्रथम वर्ष में लिखे गए मासिक आशीर्वादों, अनुभूतियों और जीवन-दृष्टि का संकलन है। भुविता के बहाने यह पुस्तक केवल एक बालिका की विकास-गाथा नहीं कहती, बल्कि जननी, सृष्टि, संस्कार, आशा, करुणा और मानवीय चेतना के उन सूक्ष्म आयामों को भी स्पर्श करती है जो जीवन को अर्थ प्रदान करते हैं। इस पुस्तक की प्रत्येक रचना समय के किसी क्षण को बाँधने का प्रयास नहीं, बल्कि उसे आशीर्वाद में रूपांतरित करने का एक विनम्र प्रयत्न है। यहाँ एक पिता का स्नेह है, एक परिवार की धड़कन है, स्त्री-शक्ति के प्रति श्रद्धा है और आने वाले जीवन के लिए मंगलकामनाएँ हैं। यह कृति उन सभी पाठकों को समर्पित है जो प्रेम को केवल भावना नहीं, बल्कि जीवन का सबसे बड़ा संस्कार मानते हैं। — अंकित नारायण 'निर्मोही'


About Author

अंकित नारायण निर्मोही एक संवेदनशील रचनाकार, चिंतक और साहित्य-साधक हैं। उनकी लेखनी मानवीय भावनाओं, पारिवारिक मूल्यों, आध्यात्मिक चिंतन और जीवन के सूक्ष्म अनुभवों से प्रेरित है। वे शब्दों को केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि स्मृतियों, संस्कारों और पीढ़ियों के बीच एक जीवंत सेतु मानते हैं। "भुविता : भोर की पहली किरण" उनकी प्रथम कृति है। इस पुस्तक में उन्होंने एक पिता के स्नेह, आशीर्वाद, स्वप्न और जीवन-दृष्टि को काव्यमय रूप में अभिव्यक्त किया है। भुविता के माध्यम से यह कृति केवल एक बालिका की विकास-यात्रा का चित्रण नहीं करती, बल्कि स्त्री-तत्त्व, मातृत्व, प्रेम, संस्कार और मानवीय चेतना के व्यापक आयामों को भी स्पर्श करती है। लेखन उनके लिए सृजन मात्र नहीं, बल्कि जीवन के अर्थ, संबंधों की ऊष्मा और समय की अनमोल स्मृतियों को संजोने का एक सतत प्रयास है। उनकी रचनाओं में संवेदना, आध्यात्मिकता और जीवन के प्रति गहरी आस्था का स्वर स्पष्ट रूप से सुनाई देता है। वे मानते हैं कि प्रेम जब शब्दों में उतरता है, तो वह केवल साहित्य नहीं रहता—वह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक विरासत बन जाता है।

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