ISBN : 978-93-7462-093-9
Category : Non Fiction
Catalogue : Poetry
ID : SB22209
5.0
Paperback
299.00
e Book
149.00
Pages : 91
Language : Hindi
"भुविता : भोर की पहली किरण" प्रेम, वात्सल्य, स्त्री-तत्त्व और जीवन के मंगल भावों की एक काव्य-यात्रा है। यह कृति एक पिता द्वारा अपनी पुत्री के जीवन के प्रथम वर्ष में लिखे गए मासिक आशीर्वादों, अनुभूतियों और जीवन-दृष्टि का संकलन है। भुविता के बहाने यह पुस्तक केवल एक बालिका की विकास-गाथा नहीं कहती, बल्कि जननी, सृष्टि, संस्कार, आशा, करुणा और मानवीय चेतना के उन सूक्ष्म आयामों को भी स्पर्श करती है जो जीवन को अर्थ प्रदान करते हैं। इस पुस्तक की प्रत्येक रचना समय के किसी क्षण को बाँधने का प्रयास नहीं, बल्कि उसे आशीर्वाद में रूपांतरित करने का एक विनम्र प्रयत्न है। यहाँ एक पिता का स्नेह है, एक परिवार की धड़कन है, स्त्री-शक्ति के प्रति श्रद्धा है और आने वाले जीवन के लिए मंगलकामनाएँ हैं। यह कृति उन सभी पाठकों को समर्पित है जो प्रेम को केवल भावना नहीं, बल्कि जीवन का सबसे बड़ा संस्कार मानते हैं। — अंकित नारायण 'निर्मोही'