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ISBN : 978-93-7462-830-0

Category : Academic

Catalogue : Mathematics and Science

ID : SB21923

Bhartiya Gyan Parampara: Diverse Dimensions of Science, Culture, and Education

ONE-DAY NATIONAL WEBINAR

Dr. Brajendra Singh Kusmariya

Paperback

799.00

e Book

399.00

Pages : 285

Language : Hindi

PAPERBACK Price : 799.00

About Book

यह पुस्तक “भारतीय ज्ञान परम्परा: विज्ञान, संस्कृति और शिक्षा के विविध आयाम” शासकीय कमला नेहरू महिला महाविद्यालय, दमोह द्वारा आयोजित एक-दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार की चयनित एवं समीक्षित शोध-प्रस्तुतियों का एक समृद्ध अकादमिक संकलन है। यह ग्रंथ भारतीय ज्ञान परम्परा के बहुआयामी स्वरूप को आधुनिक शैक्षणिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संदर्भों में प्रस्तुत करने का सार्थक प्रयास करता है। पुस्तक में सम्मिलित आलेख भारतीय विज्ञान, दर्शन, शिक्षा-दर्शन, संस्कृति, आयुर्वेद, गणित, खगोल, कला, पर्यावरणीय चिंतन तथा भारतीय प्रबंधन दृष्टि जैसे विषयों पर केंद्रित हैं, जो यह स्पष्ट करते हैं कि भारतीय ज्ञान परम्परा केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों के समाधान की सशक्त आधारशिला है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP-2020) के आलोक में यह संकलन भारतीय ज्ञान प्रणालियों (IKS) को समकालीन शिक्षा और शोध से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अकादमिक योगदान प्रदान करता है। यह पुस्तक शोधार्थियों, शिक्षाविदों, विद्यार्थियों और नीति-निर्माताओं के लिए एक उपयोगी संदर्भ-ग्रंथ के रूप में कार्य करेगी तथा भारतीय बौद्धिक परम्परा के प्रति गहन समझ और नवाचारी शोध को प्रोत्साहित करेगी।


About Author

डॉ. बृजेन्द्र सिंह कुसमरिया एक समर्पित शिक्षाविद्, शोधकर्ता एवं प्रशासक हैं। वर्तमान में वे शासकीय कमला नेहरू महिला महाविद्यालय, दमोह (म.प्र.) में सहायक प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष (रसायनशास्त्र) के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने रसायनशास्त्र विषय में पीएच.डी. उपाधि प्राप्त की है तथा उनका शोध कार्य धातु संकुल (Metal Complexes), उनके संरचनात्मक, स्पेक्ट्रोस्कोपिक एवं जैविक अनुप्रयोगों पर केंद्रित रहा है। डॉ. कुसमरिया को उच्च शिक्षा, अनुसंधान एवं छात्र-कल्याण के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य करने का व्यापक अनुभव है। उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की शोध-पत्रिकाओं में अनेक शोध लेख प्रकाशित किए हैं तथा विभिन्न अकादमिक संगोष्ठियों, कार्यशालाओं और सेमिनारों का सफल आयोजन एवं समन्वय किया है। वे भारतीय ज्ञान परम्परा, विज्ञान-शिक्षा, नवाचार एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP-2020) के शैक्षणिक दृष्टिकोणों में विशेष रुचि रखते हैं। एक शिक्षक के रूप में वे न केवल विषय-ज्ञान पर बल देते हैं, बल्कि मूल्य-आधारित शिक्षा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और भारतीय सांस्कृतिक चेतना के समन्वय को भी अपनी शिक्षण-दृष्टि का अभिन्न अंग मानते हैं। यह पुस्तक उनके इसी अकादमिक दृष्टिकोण, शोध-समर्पण एवं भारतीय ज्ञान परम्परा के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतिबिंब है।

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